द्वीप और किनारे

ओंकारेश्वर में घूमने के स्थान

अंतिम जाँच: 5 अक्टूबर 2026

नाम से मेल खाती यात्रा मांधाता का ज्योतिर्लिंग, दक्षिणी तट का ममलेश्वर, एक नर्मदा घाट, और जितनी परिक्रमा दिन दे उतनी है। ट्रस्ट का प्रश्नोत्तर यही गिनाता है। मध्य प्रदेश पर्यटन सिद्धनाथ, गौरी सोमनाथ, केदारेश्वर, गोविंद भगवत्पाद की गुफा और एकात्म धाम जोड़ता है।

ओंकारेश्वर में नर्मदा के भीतर मांधाता द्वीप का हवाई दृश्य, दक्षिणी तट पर गोदरपुरा के साथ
मांधाता द्वीप और नर्मदा। विकिमीडिया कॉमन्स पर सुश्री सारा वेल्च की फ़ाइल, CC0। फ़ाइल में स्पष्ट तस्वीर-तिथि नहीं है, इसलिए कोई तिथि नहीं लिखी गई।श्रेय: Ms Sarah Welch. CC0 1.0. स्रोत फ़ाइल · CC0 1.0

दो द्वारों से शुरू करें

परिवार केवल दो काम कर सके तो ओंकारेश्वर से शुरू करे, फिर ज्योतिर्लिंग और ममलेश्वर देखे। राज्य पर्यटन कहता है कि मान्यता इन्हें एक उपस्थिति मानती है। बाकी सब इसी यात्रा का विस्तार है, विकल्प नहीं। संगम, जहाँ नर्मदा स्थानीय कावेरी से मिलती है, ट्रस्ट की छोटी सूची का तीसरा नाम है।

रास्ते पर और उसके आगे

गोविंद भगवत्पाद की गुफा पर्यटन-विवरण में आदि शंकराचार्य की पढ़ाई से जुड़ी है। काजल रानी गुफा लगभग 9 किलोमीटर कही गई है। पर्यटन पृष्ठ पर वहाँ शीर्षक गड़बड़ाया है। यह गाइड गड़बड़ाया शीर्षक तथ्य की तरह नहीं दोहराएगी। जाएँ तो मोड़ स्थानीय पूछें।

स्रोत

  • https://shriomkareshwar.org/

प्रश्न

ओंकारेश्वर में मुख्य स्थान कौन से हैं?

ज्योतिर्लिंग, ममलेश्वर, संगम और परिक्रमा ट्रस्ट की अपनी छोटी सूची हैं। राज्य पर्यटन सिद्धनाथ, गौरी सोमनाथ, केदारेश्वर और एकात्म धाम जोड़ता है।

परिक्रमा कितनी लंबी है?

मंदिर ट्रस्ट लगभग 7 किलोमीटर कहता है।

क्या महेश्वर ओंकारेश्वर के अंदर है?

नहीं। मध्य प्रदेश पर्यटन महेश्वर को लगभग 70 किलोमीटर दूर रखता है। वह नर्मदा पर अलग नगर है।